21/09/2024
#समयचक्र
देखते देखते जीवन के एक वर्ष और बीत गए,बदला भी तो क्या...?
कैलेंडर का एक वर्ष,मन की भावना,जीवन के उद्देश्य,...
मिला क्या-हर दिन एक नई जिम्मेदारी, परिवार से दूरी, अपने गाँव को छोड़ जाने का दुख, अपनों से बिछड़ने के दर्द, उसे खोने का दर्द....कई बार चीजें परिस्थितियों के अनुकूल नहीं होती हैं,जिसे हम चाह कर बदल नही सकते, दुःख होता है, लेकिन यही नियति है,जो आपको मजबूर कर देती है,दूर कर देती, हर उस चीज से जो आपके दिल के बहुत करीब होता, उस आस, उस विश्वास को जो एक समय पर आकर दृढ़ हो जाता है,टूट 💔जाता है....😔
हर परिवार का,माँ-बाप का,भाई का, बहन का,सपना होता, अपने परिवार के साथ हर शाम बैठकर खाने का,उनके साथ बातें करने का,सामने से उनकी खुशी उनके दुःख को अनुभव करने का... उसे व्यक्त करने का,कि मैं हूँ, मैं आपके साथ हूँ।
लेकिन मन की इक्षायें,ज़िम्मेदारी के बोझ तले दम तोड़ देती हैं, कैद कर देती हैं,अकेले,तन्हा, बेबसी,लाचारी,मजबूरी के कमरे में,वो सबकुछ सिखा देता है, जो उसने कभी किया ही नही, उसके बारे में कभी सोचा भी नही था।
मैं महसूस करता हूँ, आपके ह्रदय में छिपे उस दर्द को,जिसे आप हमेशा छिपाते हो, मैं कोशिश करता हूँ उसे महसूस करने का, उसे बाँटने का, जिसे मैं हल्का कर सकूँ, इस काबिल हो सकूँ,जब मैं कह सकूँ, उसे कर सकूँ,जो आप अपने इस अनुज से आपेक्षा रखते हो।
बीतें कुछ सालों में आपमें हुए बदलावों को देखकर, मैं चकित सा हो जाता हूँ, सोच में पड़ जाता हूँ, कोई खुद को इतना कैसे बदल सकता है,अगर कुछ सामान्य है, कुछ बदला नही तो वो है आपका प्यार और ज़िम्मेदारी अपने इस परिवार के प्रति❤️
जो हमें बाँधे हुए,एक माला में मोतियों की तरह पिरोये हुए है।
आपके ज्ञान, विवेक, तार्किक,सरल,सौम्य, मृदुल स्वभाव क्षमताओं पर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस करता, उसे सीखने का अपने आदतों में उतारने का प्रयास करता, उस परमपिता परमात्मा का कोटि कोटि आभार प्रकट करता हूँ,आपका अनुज होने के लिए..❤️❤️🙏🙏
आप, सशक्त है, मजबूत है, दृढ़ इच्छाशक्ति वाले हैं, समय के परीक्षा के साथ ये समयावधि भी पूरी हो जाएगी, हम हमारा परिवार फिर एक साथ होगा,जहाँ इस दिखावे की झूठी हंसी, मुस्कुराहट, की कोई जगह नहीं होगी, हम मिलकर इसे दूर करेंगे और हर उस चीज को हासिल करेंगे जो हमने सोचा है, जहाँ चारों तरफ खुशियों से भरा हँसता खेलता एक सुखी परिवार होगा।
मैंने आपके इस स्पेशल दिन पे भी आपको दुःखी ही किया, आपके जख्मों को हरा करके, लेकिन यक़ीन मानों भाई, ये सिर्फ हमारा बीता हुआ अतीत होगा, आने वाला कल नहीं.☺️
आपके इस ख़ास दिन को किस तरह से स्पेशल कर