09/11/2016
आजे ढ़लती सांजे मारा पोतीकाए मने प्रश्न पूछयो, "जिंदगी ऐटले शुं"?
घणा समय सुधी विचार कर्या बाद अन्दर थी मांयला ऐ जवाब आप्यो,"जिन्दगी एटले .....पुस्तक." आश्चर्य चकित थयेला मारा व्यक्तित्व ने थोडु हसवु आव्यु अने में कह्यु, "जो जिन्दगी एक पुस्तक होय तो तमे तमारी जिंदगी वांची छे?"
प्रश्न खोटो पण न हतो..पण साचा जवाब नी तलाश माँ ....आवो स्पंदन कल्चरल ग्रुप सुरेंद्रनगर नी संगाथे....एक सांज काजल ऑज़ा वैद्य ने साथ....19 नवेम्बर शनिवार ना रोज सांज ना 7 कलाके....GIDC Medical Hall..Wadhwan. काजल ओज़ा वैद्य ऐमनी रसदार शैली मा आपने जवाब आपशे तमारा प्रश्न नो...."तमे जिन्दगी वांची छे?!"....स्वरुचि भोजन साथे लइशु जिंदगी ने वांचता वांचता...टिकिट मेलववा माटे संपर्क करो: 9033596323, 9879010410