MAMUs CAFÉ

MAMUs CAFÉ Refresh & Recharge Point ! A Nice Tea/Coffee + light Snacks + cigarette = Heaven..what you'll say???

बहुत सी बातों से हमे शिकायत होती है....मूड खराब हो जाता है...,  तो ऐसे में हम फट पड़ते हैं, तो लहजा और शब्द भी खराब हो जा...
19/09/2023

बहुत सी बातों से हमे शिकायत होती है....मूड खराब हो जाता है..., तो ऐसे में हम फट पड़ते हैं, तो लहजा और शब्द भी खराब हो जाते हैं। कुछ खास करीबी समझ जाते हैं और झेल भी लेते हैं। अक्सर हम किसी और की गलती की सजा खुद को ही या किसी और को दे रहे होते हैं . या अपना गुस्सा कहीं और निकाल रहे होते हैं।

पर इस गीत में देखिए कि कितने खूबसूरत शब्दों से, कितनी मुहब्बत से, शिष्टता और कोमल लहजे से शिकायत की गई है ....

उफ्फ्फ!!! लिखने वाले ने कितने खूबसूरत शब्दों से भावों को लिखा है, कंपोज़ करने वाले ने कितनी मिठास घोली है, मधुर धुन बनायी है, और उसपे लता ने कितनी, कितनी, जहिनीयत से कुछ जगह वाक्यों को तोड़ तोड़ के, शब्दों को धीमे धीमे, रुक रुक के गाया है...बेहतरीन! कर्णप्रिय! ..दिल पे लग जाने वाला तीर सा है ये..हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग के प्रतिनिधि गीतों में से एक है ये..इस स्तर पर हिंदी उर्दू के बीच की रेखा भी गायब हो जाती है..केवल भावनाएँ, उनकी अभिव्यक्ति , और रंग रह जाते हैं दिलोदिमाग पे बस..शिकायत हो तो ऐसी हो..

है इसी में प्यार की आबरू,
वो ज़फ़ा करे मैं वफ़ा करूँ,
जो वफ़ा भी काम न आ सके,
तो वो ही कहे कि मैं क्या करूँ?

है इसी में प्यार की आबरू..

मुझे ग़म भी उनका अज़ीज़ है,
कि उन्हीं की दी हुई चीज़ है,
यही ग़म है अब मेरी ज़िंदगी,
इसे कैसे दिल से जुदा करूँ..

जो न बन सके मैं वो बात हूँ,
जो न ख़त्म हो मैं वो रात हूँ,
ये लिखा है मेरे नसीब में,
यूँ ही शम्मा बन के जला करूँ..

न किसी के दिल की हूँ आरज़ू,
न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू,
मैं वो फूल हूँ जो उदास हूँ,
न बहार आए तो क्या करूँ,

है इसी में प्यार की आबरू, वो जफ़ा करे मैं वफ़ा करूं,
जो वफ़ा भी काम न आ सके, तो वो ही कहे कि मैं क्या करूँ....

Singer: Lata Mangeshkar, Movie: Anpadh (1962) ; Actor: Mala Sinha ; Music Director: Madan Mohan ; Lyricist: Raja Mehdi Ali Kha

आरोही, आरोही, आरोही....(यह फेमस डायलॉग है फिल्म आशिकी2 का जो साल 2012 में सुपरहिट रही थी. इससे पहले साल 1990 की फ़िल्म आश...
21/08/2023

आरोही, आरोही, आरोही....
(यह फेमस डायलॉग है फिल्म आशिकी2 का जो साल 2012 में सुपरहिट रही थी. इससे पहले साल 1990 की फ़िल्म आशिकी तो एक माइलस्टोन फ़िल्म है, ज़िसके बारे में जितना कहा जाए कम है, उसके 9 गानों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री और म्यूजिक इंडस्ट्री को पूरा बदल दिया था. 90s को संगीतमयी कर दिया था। आज भी लोग उसके गानों को फिल्म को याद करते हैं. उसपे फिर कभी।)
ऐसी जगह पर हूँ कि रोड के एक तरफ आरोही चाय एवं भोजनालय है, और रोड के दूसरी तरफ एक प्रसिद्ध मंदिर तथा बीच मे रास्ता..। अगर आप नास्तिक हैं तो शायद चाय की दुकान पर जाएंगे, हिन्दू और आस्तिक हैं तो फिर मंदिर की ओर..किधर जाएं.. आखिर वो 'एक राह तो वो होगी , तुम तक जो पहुंचती है..' किधर है? और ये भी प्रश्न है कि 'भगवान है कहाँ रे तू...'

खैर विकल्प और चुनाव जिंदगी में लगे रहते हैं , आप रोज कुछ ना कुछ चुनते हैं , रोज कुछ ना कुछ पढ़ते हैं, जिससे ज्ञान मिलता है, विकल्प खुलते हैं, और रोज किसी एक राह में बढ़ते हैं , कंफ्यूज भी होते हैं असमंजस यानी dilemma भी होती है। but is part of life, you have to choose and move...

The right way is not always the popular and easy way. Standing for right when it is unpopular is a true test of moral character. अर्थात सही तरीका हमेशा लोकप्रिय और आसान तरीका नहीं होता। अलोकप्रिय होने पर सही के लिए खड़ा होना नैतिक चरित्र की सच्ची परीक्षा है।

बचपन हमारे लिए नाग पंचमी का त्यौहार एक ऐसा त्यौहार था जिसमें हम भाइयों और दोस्तों के साथ कुश्ती लड़ते थे। घरवाले सांपों की पूजा करते थे, सपेरे आदि आते थे तो उनकी पूजा की जाती थी, दान दक्षिणा होता था, दूध पिलाया जाता था। स्कूल के पुस्तक की कविता- यह नाग पंचमी छम्मक छम ...बस यही कविता हमारी जिंदगी थी नाग पंचमी के दिन.

अब
वैज्ञानिक तथ्य है कि सांप दूध नहीं पीते हैं। इसके बावजूद इन्हें दूध पीने को मजबूर करना या उन्हें जबरन दूध पिलाना अत्याचार है , और ना ही हमारे धार्मिक ग्रंथ में सांपो को जबरन दूध पिलाने के लिए कहा गया है।

सांप के शरीर मे दूध पाचन हेतु ज़रूरी एंजाइम नही पाया जाता है, यदि कई दिनों तक उसे भूखा रखकर दूध पिला भी दिया तो कुछ ही दिनों में निमोनिया होकर उल्टी करते हुए वह मर सकता है।

सांप बीन पर नहीं नाचता है। सांप में सुनने की शक्ति नहीं होती है। जमीन पर होने वाले कंपन से उसकी केंचुल में कंपन होने लगता है। इससे उसे आहट का अहसास होता है। अक्सर इस आहट को शिकार समझता है और प्रतिक्रिया देता है। सपेरे बीन बजाने के साथ बीन घुमाते है जिसे सांप शत्रु हमला मानकर अपने को बचाने के लिए अपने शरीर को घुमाने लगता है। लोगों को भ्रम हो जाता कि वह नाच रहा है।

साँप के मष्तिष्क में प्रमस्तिष्क गोलार्ध (अर्थात cerebral homosphere) जो कि याददाश्त बनाये रखने के लिए जरूरी होता है, नही पाया जाता है। इस कारण सांप किसी भी बात को याद नही रख सकता तथा दुनिया का कोई भी सांप ना तो प्रशिक्षित किया जा सकता है और ना ही उसे पालतू बनाया जा सकता है। सांप के आंख में ना तो कोई 5 मेगापिक्सल का कैमरा होता है जिससे वह मरने वालों की फोटो खींच लेता है, और बाद में उसकी डार्लिंग या पत्नी या उसके खानदान वाले उस फोटो से उसका जिओ लोकेशन निकाल करके बदला ले सकते हैं. इसलिए सांपो के बदला लेने वाली फिल्मी बात गलत एवं फुलटू मनगढ़ंत है।

सांप को पारिस्थितिक तंत्र की सबसे मजबूत कड़ी माना जाता है। सांपों को किसान का मित्र भी कहा जाता है। सांप चूहे, कीड़े, मकोड़ों, छिपकलियाें को खाता है। इसके चलते इको सिस्टम मजबूत रहता है। माना जाता है कि जुलाई-अगस्त में सांपों का प्रजनन होता है। इस कारण इनकी संख्या अधिक होती है।

धार्मिक पुस्तकों में नाग पंचमी के दिन शिव की पूजा का विधान है। सांपों को पकड़ना, उनका विष निकालना क्रूरता है। हिंदू धर्म क्रूरता नहीं सिखाता है। किसी भी जीव से क्रूरता पाप है।

वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत शेड्यूल वन श्रेणी के प्राणी सांपों को पकड़ना, उनका प्रदर्शन करना कानूनन अपराध है।

Happy Naag Panchmi !🐍

Fear अर्थात डर: डर मनुष्य का एक मूल भाव है, स्वभाव है। कोई भी मनुष्य आधारभूत मानवीय भावनाओं से बच नहीं सकता। इंश्योरेंस ...
20/08/2023

Fear अर्थात डर: डर मनुष्य का एक मूल भाव है, स्वभाव है। कोई भी मनुष्य आधारभूत मानवीय भावनाओं से बच नहीं सकता।

इंश्योरेंस कम्पनीज, अग्निशमन यंत्र (Fire extinguisher) आदि के विज्ञापनों में ध्यान देंगे तो पाएँगे कि बहुत से उत्पादों और सेवाओं के विज्ञापन में भी डर का उपयोग किया जाता है।

सारे प्रचलित धर्म(यहां धर्म का अर्थ उनका मूल ethics नहीँ बल्कि पंथ सम्प्रदाय विचार आदि है) भी डर का इस्तेमाल करते हैं, और बहुत से कर्मकांड क्रियाकलाप आदि के मूल में डर और लालच है.

Fear-based marketing influences the audiences's psychology and urges them to take action to minimize that fear.

(घर में कुछ तो भी जोरदार पूजा पाठ चल रही है, अपन पेपर वेपर पढ़ के टाइम पास किये , और ये महान पोस्ट लिख रहे)

तो डर सबको लगता है चाहे वो 56इंची सीने की इमेज बनाते घूमे. एक कोल्ड ड्रिंक के विज्ञापन की डर पर पंच लाइन बड़ी प्रसिद्ध है , आपने भी सुनी ही होगी कि-
डर के आगे जीत है..

पर क्या आपने कभी खुद से सवाल किया है कि-
आप किधर हैं? डर के आगे या पीछे??

भारत को आज़ादी के असली अर्थ को ढूंढने, समझने, अपनाने की बेहद ज़रूरत है। घृणा एवं नफ़रत, भेदभाव, झूठ तथा कुशिक्षा से आजादी...
15/08/2023

भारत को आज़ादी के असली अर्थ को ढूंढने, समझने, अपनाने की बेहद ज़रूरत है।
घृणा एवं नफ़रत, भेदभाव, झूठ तथा कुशिक्षा से आजादी की बेहद ज़रूरत है।

तिरंगे के तीन रंग को समझना, उसके पीछे की भावना को समझना, सम्मान देना और फिर तिरंगा फहराना एक बात है और उस भावना की मिट्टी पलीद करते हुए तिरंगा फहराना , DP लगाना, फारवर्ड करना दूसरी बात है।

खैर, भला है, बुरा है, जैसा भी है....

जितनी बची है, जैसी बची है वहीं से मानवता और स्वतंत्रता को बचाया जाए.. स्वतंत्रता दिवस मुबारक हो! जय हिंद!

जानना , मानना, जान करके भी जानबूझ के न मानना , आधा अधूरा जानना मानना... ऐसे बहुत से स्तर/phases हैं जिनसे हर मनुष्य गुजर...
05/08/2023

जानना , मानना, जान करके भी जानबूझ के न मानना , आधा अधूरा जानना मानना... ऐसे बहुत से स्तर/phases हैं जिनसे हर मनुष्य गुजरता है।

अनपढ़/अज्ञानता/अज्ञानी/मासूम होना उतनी बड़ी मूर्खता नहीं है, जितना कि गलत ज्ञान, कुपढ़ता आदि है। आज के दौर और समयकाल में इन्हें समझना (खास तौर पे धूर्तता को पहचानना) और इनसे निपटना बहुत बड़ा challenge है।

विकल्प सदैव होते हैं, ढूंढना, पहचानना, चुनना, अक्सर हर एक के बस में होता है। किधर जाना है ये बड़ी दुविधा भरा हो सकता है किंतु समझ से चुनाव करना ज़रूरी है क्योंकि :

A man's most valuable trait is a judicious sense of what not to believe.

अगर कभी अचानक से आपके सामने भगवान आ जाएं तो आप क्या करेंगे???
23/02/2023

अगर कभी अचानक से आपके सामने भगवान आ जाएं तो आप क्या करेंगे???

ग्रीटिंग्स और सुविचार तो बहुत लिखा पढ़ा और फोरवर्ड किया जा रहा है किंतु आत्मसात और पालन बहुत कम। लाख तमाशे देखे होंगे एक ...
20/08/2022

ग्रीटिंग्स और सुविचार तो बहुत लिखा पढ़ा और फोरवर्ड किया जा रहा है किंतु आत्मसात और पालन बहुत कम। लाख तमाशे देखे होंगे एक तमाशा और सही..

Please wait for our 360° Turn : sooner Mamu's Cafe will serve u Better with upgraded Food and Beverages. Menu and other ...
17/11/2018

Please wait for our 360° Turn : sooner Mamu's Cafe will serve u Better with upgraded Food and Beverages. Menu and other additional facilities and Service are in process to make your experience more comfortable, more BETTER and Memorable...kindly support and wait...🙏

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