Darpan Restaurant UPWAS Special

Darpan Restaurant UPWAS Special Home made Upwas special Hygienic food

Navratri Day 1 - Goddess Shailputri - Worshipped on the first day of Navratri.The Festival "Navratri" is considered as o...
25/09/2022

Navratri Day 1 - Goddess Shailputri - Worshipped on the first day of Navratri.

The Festival "Navratri" is considered as one of the most Auspicious and Holy days in Hindu Religion. The Festival celebrates the victory of Good over evil.

On this Holy Festival, Hindus worship the nine different forms of Goddess Durga. This Year Navratri starts on 26th September 2022 and will end on 4th October 2022
Celebrate this Navratri with Darpan restaurants Upwas Special Menus available in all nine days, Restaurant is 24 hours open for you. Order online Zomato/ Swiggy.
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‘पुंडलिक वरदे हरी विठ्ठल, श्री ज्ञानदेव तुकाराम, पंढरीनाथ महाराज की जय’Order online home made upwas food.Zomato and swig...
10/07/2022

‘पुंडलिक वरदे हरी विठ्ठल, श्री ज्ञानदेव तुकाराम, पंढरीनाथ महाराज की जय’

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New menu in Darpan restaurantSaoji Misal Pav...Must try 👍
25/05/2022

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Sankranti special Home madeTill gud laddu available.Order online or call for takeaway.
13/01/2022

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मकर संक्रांति के त्योहार पर गंगा स्नान, दान-पुण्य, जप और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राश...
13/01/2022

मकर संक्रांति के त्योहार पर गंगा स्नान, दान-पुण्य, जप और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि को छोड़ते हुए अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश कर जाते हैं। इस दिन से सूर्यदेव की यात्रा दक्षिणायन से उत्तरायण दिशा की ओर होने लगती है। दिन लंबे और राते छोटी होने आरंभ हो जाती है। इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में परिवर्तन को लेकर पंचांग में भेद है जिस वजह से मकर संक्रांति का त्योहार दो दिन यानी 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा.

पूजा करण्यापूर्वी जागा स्वच्छ करून रांगोळी काढावी.रांगोळीने स्वस्तिक मांडून त्यावर चौरंग ठेवावा. चारीबाजूला रांगोळी काढा...
09/12/2021

पूजा करण्यापूर्वी जागा स्वच्छ करून रांगोळी काढावी.
रांगोळीने स्वस्तिक मांडून त्यावर चौरंग ठेवावा.
चारीबाजूला रांगोळी काढावी.
चौरंगावर लाल कपडा घालून त्यावर तांदूळ किंवा गव्हाने चक्राकार करावे. त्यावर हळद-कुंकू वाहावे.
पाण्याच्या तांब्यात दूर्वा, सुपारी आणि शिक्का सोडावा.
कलशाला बाहेरून हळद-कुंकवाचे बोटं लावावे.
तांब्याच्या नंतर आजूबाजूला विडे किंवा आंब्याची पाने सजवून मधोमध नारळ ठेवावा.
कलश चक्राकारावर ठेवावा.
समोर लक्ष्मी श्रीयंत्र ठेवावे.
लक्ष्मीसमोर दिवा लावावा.
लक्ष्मीची षोडशोपचार पूजा करावी.
फळं, मिठाई, दुधाचा नैवेद्य दाखवावा.
देवीला कमळाचे फूल अर्पित करावे.
लक्ष्मी पूजनानंतर कुटुंबासोबत आरती करावी.
श्री लक्ष्मी नमनाष्टक वाचावे. व्रत कथा वाचावी.
मनातील इच्छा प्रकट करून प्रार्थना करावी.
संध्याकाळी पुन्हा देवीची आराधना करुन नैवेद्य दाखवावे.
गायीसाठी एक पान वेगळं काढावे.
नंतर कुटुंबासह आनंदाने भोजन करावे.
दुसर्‍या दिवशी कलशामधील पाणी घरात शिंपडावे आणि नंतर पाणी नदी किंवा तलावात वाहून द्यावे, किंवा तुळशीच्य झाडाला घालावे.
पाने घरातील चोर बाजूला ठेवून द्यावे नंतर निर्माल्यात टाकावे.
शेवटल्या गुरुवारी पाच कुमारिका किंवा पाच सवाष्णींना बोलावून हळद-कुंकू, फळं, दक्षिणा आणि महालक्ष्मी व्रत कथा पुस्तक देऊन त्यांचा सत्कार करावा.

मार्गशीर्ष (Margashirsha) महिना सुरू झाला की आपसूकचं मार्गशीर्ष गुरूवार व्रतासाठी (Margashirsha Guruvar Vrat) महिलांची ल...
08/12/2021

मार्गशीर्ष (Margashirsha) महिना सुरू झाला की आपसूकचं मार्गशीर्ष गुरूवार व्रतासाठी (Margashirsha Guruvar Vrat) महिलांची लगबग सुरू होते. मार्गशीर्ष महिन्यात हिंदू महिला महालक्ष्मी मातेचं व्रत करतात. अनेकजणी या महिन्यात प्रत्येक गुरूवारी व्रत करताना दिवसभराचा उपवास करतात. शेवटच्या गुरूवारी सवाष्ण महिलांसोबत हळदी कुंकवाचा कार्यक्रम करून त्याची सांगता करण्याची दरवर्षीची पद्धत आहे.
मार्गशीर्ष महिन्यात अनेक घरात मांसाहार टाळत दर गुरूवारी घटाच्या स्वरूपात महालक्ष्मीची पूजा केली जाते. घटाला आकर्षक स्वरूपात सजवलं जातं त्याची पूजा केली जाते. या निमित्ताने घराघरात आनंदाचं, चैतन्याचं आणि प्रामुख्याने मंगलमय वातावरण निर्माण होतं.

Diwali celebration 🎉🎉
05/11/2021

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Happy Dhanteras 🎉🎉Enjoy our home made ,HygienicDiwali Faral Combo.
02/11/2021

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नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां महगौरी, मां दुर्गा का आठवां स्वरूप है। इन्हें आठवीं शक्ति...
13/10/2021

नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां महगौरी, मां दुर्गा का आठवां स्वरूप है। इन्हें आठवीं शक्ति कहा जाता है। महागौरी हीं शक्ति मानी गई हैं। पुराणों के अनुसार, इनके तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाशमान है। दुर्गा सप्तशती के अनुसार, शुंभ निशुंभ से पराजित होने के बाद देवताओं ने गंगा नदी के तट पर देवी महागौरी से ही अपनी सुरक्षा की प्रार्थना की थी। मां के इस रूप के पूजन से शारीरिक क्षमता का विकास होने के साथ मानसिक शांति भी बढ़ती है। माता के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा, ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी भी कहा जाता है।
इस दिन मां को नारियल चढ़ाया जाता है। इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है।
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्।

सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥

पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्।

वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥

पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।

मंजीर, हार, केयूर किंकिणी रत्नकुण्डल मण्डिताम्॥

माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्...
09/10/2021

माँ दुर्गाजी की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि उपासना में तीसरे दिन की पूजा का अत्यधिक महत्व है और इस दिन इन्हीं के विग्रह का पूजन-आराधन किया जाता है। इस दिन साधक का मन 'मणिपूर' चक्र में प्रविष्ट होता है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं।
पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||

मां ब्रह्मचारिणी नाम का अर्थ तपस्या और चारिणी यानि आचरण से है. मां ब्रह्मचारिणी को तप का आचरण करने वाली देवी माना गया है...
08/10/2021

मां ब्रह्मचारिणी नाम का अर्थ तपस्या और चारिणी यानि आचरण से है. मां ब्रह्मचारिणी को तप का आचरण करने वाली देवी माना गया है. मां ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में तप की माला और बांए हाथ में कमण्डल है. धार्मिक मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन में तप त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम प्राप्त होता है
दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलु| देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ||🙏🙏

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Mahatma Gandhi Nagar Hudkeshwar Road Nagpur
Nagpur
440034

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