27/05/2020
कहाँ बैठा है लिख रहा है लेख सारा ...
ईश्वर तूने तो मुझे हैरान कर दिया..
खङी रह गई गाङिया बसें और जहाज..
फालतू एक पल में सारा सामान कर दिया.
एक पल का जिसके पास समय न था..
कैद घरों में वो इन्सान कर दिया..
अब तेरी रजा है और तू ही जानता है..
हमारा फायदा किया तूने या नुकसान कर दिया....!