06/06/2023
कल एक झलक देखा जिंदगी को
वो राहों पे मेरी मुस्कराती हुई मिली
फिर ढूंढने लगी जब मैं उसको अपने पास
वो आंख मिचौली कर के इठला रही थी
एक अरसे से रातों की, नींद गायब है
आज वो मेरा सर सहला कर सुला रही थी
जब थोड़ा सुकून आया तो लगा वो मुझे कुछ समझा रही थी
मैंने पूछा जब उससे की क्यू इतना दर्द देती है तू मुझे
हंस कर उसने बताया कि
मैं तो तुझे जीना सीखा रही थी
इस सीखने सीखाने में कितना कुछ कुछ खोया है मैने
फिर उसने जवाब में कहा कि
खोने के डर से पाने की अहमियत कम न कर
जिंदगी जीते वही है जो मुसाफिर है , मंजिल पे पहुंच कर सफर की अहमियत खतम मत कर
Written by me