26/03/2024
जय श्री राम ,गीता एक ऐसा ग्रंथ है जो मानव के जीवन को नई दिशा देता है गीता किसी धर्म या किसी मजहब से तालुकात नहीं रखती ,यह मनुष्य को जीवन को एक नई प्रेरणा देती है गीता में प्रभु श्री कृष्ण जी ने मनुष्य के जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से जीने सार बताया है इसका भौतिक जगत से कोई लेना-देना नहीं वास्तव में मानव को इस सृष्टि में अपने जीवन का निर्वाह किस प्रकार करना है यह गीता ग्रंथ से प्रेरणा का स्रोत मिलता है वास्तविक अगर देखा जाए तो अर्जुन के माध्यम से प्रभु श्री कृष्णा जीने संसार को यह बताया भी है संसार माया का इच्छाओं का कामनाओं का इंद्रियों का बना हुआ एक जाल है जिसे निष्काम कर्म करते हुए संसार से विरक्त रहकर संसार के बीच में रहकर जो प्राणी मुझ परमात्मा की ओर अपने ध्यान अपनी ऊर्जा को एकत्र करके अपने सारे कार्य अपने सारे कर्म हमें समर्पित करते हुए निष्काम भाव से कर्म करता रहता है मैं उसके साथ सदैव रहता हूं यह प्रभु श्री कृष्ण जी ने गीता में दर्शाया है जिससे मानव जीवन को एक प्रेरणा मिलती है तथा उसे शांति मिलती है