Halwai Roopchand Madanlal & Sons

Halwai Roopchand Madanlal & Sons Taste is Identity.

कोटा में हुई थी राजस्थान की घोषणा,महाराव भीमसिंह थे पहले राजप्रमुखउम्मेद भवन के दरबार हॉल में जुटे थे कई राजा, कोटा को ब...
03/12/2018

कोटा में हुई थी राजस्थान की घोषणा,
महाराव भीमसिंह थे पहले राजप्रमुख

उम्मेद भवन के दरबार हॉल में जुटे थे कई राजा, कोटा को बनाया था राजधानी
25 मार्च, 1948 की मीटिग में आए थे गाडगिल। दरबार हॉल में हुई मीटिंग में (बाएं से) झालावाड़ के महाराज राणा हरिश्चंद्र सिंह, किशनगढ़ के महाराजा सुमेर सिंह, बांसवाड़ा के महारावल चंद्रवीर सिंह, बूंदी के महाराव राजा बहादुर सिंह, केंद्रीय मंत्री एनबी गाडगिल, कोटा के महाराव भीमसिंह द्वितीय, डूंगरपुर के महारावल लक्ष्मण सिंह, प्रतापगढ़ के महारावत रामसिंह और टोंक के नवाब इस्माइल अली खां। फोटो क्रेडिट : राव माधोसिंह म्यूजियम।

कोटा के लिए ये आज भी गर्व की बात है कि जब राजपूताना के छोटे-छोटे राज्यों को एक करके राजस्थान बनाया जाना था तो कोटा राजघराने ने पहल की थी। 25 मार्च 1948 को उम्मेद भवन के दरबार हॉल में कोटा के तत्कालीन शासक महाराव भीम सिंह द्वितीय की पहल पर अन्य राज्यों के राजा एकत्रित हुए और फिर राजस्थान की घोषणा की गई। महाराव भीम सिंह को राजस्थान का पहला राजप्रमुख बनाया गया था। सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री एनबी गाडगिल ने इसकी घोषणा की और उन्हें शपथ दिलाई। कोटा को पहली राजधानी बनाया गया।

तीसरी बार में शामिल हुआ था जयपुर
कोटा के बाद उदयपुर व अन्य कई रियासतों के शामिल होने के बाद फिर जयपुर ने इसमें शामिल होने का प्रस्ताव भेजा। 30 मार्च 1949 को जयपुर में राजस्थान का तीसरी बार गठन हुआ। उसके बाद बची हुई रियासतें भी शामिल हो गई और जयपुर को इस राज्य की राजधानी बनाया गया।

एक्सपर्ट व्यू : कनाडा में भी बनी थी राजभवन जैसी बिल्डिंग
गढ़ पैलेस में कलाकारी का बेजोड़ नमूना देखा जा सकता है। गढ़ पैलेस में 9 महल हैं और हर महल की दीवारें कोटा-बूंदी शैली की चित्रकारी से जीवंत हैं। बृजराज भवन इतना भव्य था कि ऐसी ही इमारत कनाडा में भी बनाई गई। आधुनिक सुविधाओं के लिए उम्मेद भवन पैलेस बनाया गया। इसका निर्माण खीमच से लाए सफेद बालू पत्थर से किया गया। इसमें एक टेबल ऐसी है जो जरूरत पड़ने पर पूरे हॉल के बराबर लंबी हो जाती है। इसी पैलेस के दरबार हॉल में राजस्थान के निर्माण की घोषणा हुई थी।



बूंदी, झालावाड़ और टोंक सहित कई रियासतों के शासक आए थे मीटिंग में
राजस्थान को आजादी तक राजपूताना के नाम से ही जाना था। भारत जब स्वतंत्र हुआ तब राजपूताना के लिए एक अलग से रियासत विभाग खोला गया, लेकिन चारों बड़ी रियासतों जयपुर, मेवाड़, जोधपुर व बीकानेर ने भारतीय संघ में शामिल होने से इंकार कर दिया। मेवाड़ ने तो प्रस्ताव दिया था कि हमारा इतिहास सबसे पुराना है, इसलिए चाहे तो अन्य रियासतें हममें शामिल हो सकती है।

इतिहासकार डॉ. जगत नारायण बताते हैं कि तब कोटा के महाराव भीम सिंह द्वितीय ने आगे बढ़कर प्रस्ताव रखा कि कोटा रियासत भारतीय संघ में शामिल होना चाहती है। कोटा के इस प्रस्ताव को रियासत विभाग ने स्वीकार कर लिया और दक्षिणी राजस्थान की कुछ और रियासतों को तैयार कर नया प्रदेश बनाने का निर्णय लिया। इसका नाम संयुक्त राजस्थान राज्य रखा गया।

इसमें कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, किशनगंज व शाहपुरा को शामिल करते हुए 25 मार्च 1948 को कोटा राजमहल (वर्तमान में उम्मेद भवन पैलेस) के दरबार हॉल में संयुक्त राजस्थान की घोषणा हुई। इस तरह से पहली बार प्रदेश के रूप में राजस्थान का नाम कोटा में घोषित हुआ और कोटा को ही इसकी राजधानी बनाया गया।


1901 में बना था उम्मेद भवन और 4.26 लाख खर्च आया था
एक्सपर्ट व्यू : कनाडा में भी बनी थी राजभवन जैसी बिल्डिंग
गढ़ पैलेस में कलाकारी का बेजोड़ नमूना देखा जा सकता है। गढ़ पैलेस में 9 महल हैं और हर महल की दीवारें कोटा-बूंदी शैली की चित्रकारी से जीवंत हैं। बृजराज भवन इतना भव्य था कि ऐसी ही इमारत कनाडा में भी बनाई गई। आधुनिक सुविधाओं के लिए उम्मेद भवन पैलेस बनाया गया। इसका निर्माण खीमच से लाए सफेद बालू पत्थर से किया गया। इसमें एक टेबल ऐसी है जो जरूरत पड़ने पर पूरे हॉल के बराबर लंबी हो जाती है। इसी पैलेस के दरबार हॉल में राजस्थान के निर्माण की घोषणा हुई थी।

अलसी के सेंव
31/03/2018

अलसी के सेंव

25/03/2018

क्या आप जानते है की Flax seed Oil (जिसको अलसी के बीज का तेल या लीन सीड तेल भी कहा जाता है) पूर्णतः शाकाहारी है। और इसमें मछली के मुकाबले Omega 3 50 % ज़्यादा है, fatty acid और Omega 6 -20 % ज़्यादा एवं लिग्नैंस (lignans) वो भी अनाज से कई सौ गुना ज़्यादा होता है।

इसमें खनिज तत्व व विटामिन जैसे Vitamin B1,B2,B6, Potassium, Lecithin, Magnesium, Fibre, Protein, Copper, Iron ,Maganese, Phosphorous, Sodium, Zinc बेमिसाल है। जो शरीर को बलवान और रोग रोधी बनाता है।

20 ग्राम Flax oil के सेवन से कुल सीरम (serum) में कमी आती है 95% तक कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

LDL कोलेस्ट्रॉल भी 18% कम होता है। (Lowers total serum, reducing Cholesterol by 95%)

Prevents Atherosclerosis ब्लड प्रेशर तकलीफ से पीड़ित मरीजों को राहत देता है (Lowers high Blood pressure)

रक्त पैलेट्स को कम चिपचिपा बनाता है (Makes blood platelets less Sticky)

जिगर की कार्यशैली को बढ़ाता है( Contribute to effective liver function)

इन्सुलिन की आवश्यकता को कम करता है जिससे डायबिटीज मलाइटिस के रोगियों को आराम मिलता है (Gives relief in diabetes-Lowers insulin requirement)

नज़र तेज करता है और रंग दोष में सुधार लाता है (Improves eyesight & Colour perception)

वसा को पिघलाता है (Facilitates Weight loss by increasing Metabolic rate)

मांसपेशियों की थकान से जल्दी उभर पाते है(Faster recovery from muscle fatigue)

25/03/2018

Address

Main Bazar, Opposite To Gowardhan Nath Ji Temple, Chechat
Kota
326510

Opening Hours

Monday 8am - 6pm
Tuesday 8am - 6pm
Wednesday 8am - 6pm
Thursday 8am - 6pm
Friday 8am - 6pm
Saturday 8am - 6pm
Sunday 8am - 6pm

Telephone

919829708056

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Halwai Roopchand Madanlal & Sons posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category