31/12/2023
*सूर्य संवेदना पुष्पे, दीप्ति करुण्यगंधने।लब्ध्वा शुभं नववर्षेऽस्मिन कुर्यात्सर्वस्य मंगलम्।।*
जिस तरह सूर्य प्रकाश देता है, संवेदवा करुणा का जन्म होता है, पुष्प हर जगह महकता रहता है, उसी तरह आने वाला हमारा यह नूतन वर्ष आपके लिए हर दिन, हर पल के लिए मंगलमय हो।
*नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!*