07/12/2025
प्रिय विराट कोहली,
तुम्हारा क्रिकेट देखते यूँ तो 14-15 साल हुए, इन बीते सालों में तुम्हें कई बार ऐसे ताबड़ तोड़ खेलते देखा कि मानों विरोधियों को कुछ बताना चाहते हो। लेकिन ये पहला मौका है जब तुम्हें अपने ही खेमे के एक सीनियर को बल्ले से जवाब देते देखा।
3 मैच में तीन सौ रन! क्या कोई मज़ाक है? इनमें 2 सेन्चरी और एक नॉट आउट वाला अर्धशतक! ये सिर्फ रन नहीं बल्कि स्टेटमेंट से प्रतीत होते हैं। स्टेटमेंट उनके लिए जो सोचते थे कि तुम्हारे अंदर से क्रिकेट खत्म हो गया है और अब तुम महज़ अपने नाम की खाने आते हो और पाँचवे स्टम्प पर जाती गेंद पर आउट हो जाते हो। हालाँकि ये लम्बे समय तक होते हुए दिखा भी, लेकिन तुम्हारे अंदर से क्रिकेट खत्म हो गया हो और अब लंदन का रिटाइरमेंट ही सबकुछ हो गया हो, ऐसा नहीं है, ये इस ट्रिप पर बता दिया तुमने।
यूं तो तुमने भारत का कोई मैदान नहीं छोड़ा जहाँ तुड़ाई न की हो, पर इस बार रोहित शर्मा के फॉर्म में होते हुए भी उससे दोगुने छक्के लगाते तुम्हें पहली बार देखा है। क्या खा के आते थे भाई मैदान पर? ओह! शायद अपमान खाकर आते थे! अपने ही सीनियर प्लेयर से मिला अपमान तो दिल पर लगता ही है, ठीक भी है। तभी शायद पहली सेन्चरी के बाद तुमने कहा था कि मुझे अब मेंटली रेडी होने की ज़रूरत होती है, न कि पिच पर घंटों प्रैक्टिस करने की!
इन सब कारनामों से कहीं अधिक मुझे तुम्हारा जैसवाल को प्रोत्साहित करना लगा। नहीं, मैच जीतने के बाद ड्रेसिंग रूम की तरफ जाते समय उसे लीड करने देने से पहले ही मैच के दौरान जो तुम जैसवाल को गाइड कर रहे थे, वो बहुत अच्छा लगा।
टीम का माहौल ऐसा चल रहा है कि 50-60 रन बनाने वाले भी सुरक्षित नहीं, जैसवाल ने तो दो मैच में मिलाकर 40 ही बनाए थे। आज की सेन्चरी उसके लिए बहुत ज़रूरी थी।
तुम्हारे इन 302 रन्स की बदौलत अब इतना तो तय है कि तुम अब जनवरी में न्यूज़ीलैंड के साथ होने वाले 3 एकदिवसीय में दिख जाओगे। वह भी अहमदाबाद में।
उसके बाद तो सीधे जुलाई में मुलाकत होगी। तब तुम्हें कहीं आने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, भारतीय टीम बर्मिंगहम आएगी, तुम 2 घंटे की ट्रेन पकड़कर बल्ला संभाले आ जाना और ये जो आज बोल रहे हैं कि भारत की पाटा पिचेस थीं इसलिए तुमने 300 बना लिए, इन्हें 400 रन बनाकर जवाब देना। हालाँकि नहीं भी बनाओगे तो तुम्हारी बनाई लेगेसी छोटी नहीं हो जायेगी (पर फिर भी बनान