31/12/2018
*🌺🌺 लिट्टी-चोखा🌺🌺*
जाड़ा के सवाल बा|
रजाई मोहाल बा||
आग तापे कौड़ा लागी|
बोटराईल जावार बा||
*ठीक हैं||*
आलू के जुगाड़ करी |
बैगन तैयार बा||
फूटेहरि के सतु से |
बड़ी दिन से प्यार बा ||
*ठीक हैं||*
हरियर मिरचाई रही |
आलू भवराई रही ||
जाड़ा के दिन मे |
लिट्टी सोनहाईल रही ||
*ठीक हैं||*
घी मे चभोरेंगे |
लिट्टी-चोखा तोड़ेंगे ||
बिहार की मिट्टी को |
कभी नहीं छोडेंगे||
*ठीक हैं||*
लिट्टी के गर्मी रही|
पांच कोश भी कम पड़ी||
नवका त नवका |
पुरनको भी दौड़ लिही||
*ठीक हैं|*
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