14/08/2021
Sumi ki rasoi se Chatpata dahi vada..
Aur uske saath meri ek kavita...
बदल रही है दुनिया'
बदल रही है दुनिया
बदल रहा है परिवार...
अब ना रहीं दादा-नाना की प्यार भरी झिड़कियाँ...
ना रही दादी-नानी की प्यारी सी गोद...
अब ना रहा चाचा-मामा के साथ खेलना...
ना रही फुआ-मौसी के साथ बेपरवाह मस्ती...
चचेरे, ममेरे, मौसेरे और फूफेरे
भाई बहनों की फौज़...
सब के साथ पूरे घर में
धमा-चौकड़ी मचाना...
माँ-पापा की मीठी सी फटकार
और प्यारी सी मुस्कान...
गर्मी की छुट्टियों में
रेल का सफ़र करके
नानी-दादी के घर जाना...
त्योहारों में सबसे अच्छे कपड़े
बनवाने की होड़...
नानी-दादी के हाथ के बने खट्टे-मीठे दही भल्ले...
और मीठे-मीठे रस भीने
नरम-नरम पुए...
और भी कितने पकवान...
वो छुप्पन-छुपाई, चोर-सिपाही,
पकड़न-पकड़ाई, कमल फूल...
और भी ऐसे कई खेल...
भूलते जा रहे हैं हम वो स्वाद... छूटती जा रही हैं वो यादें...
शायद इसको ही बदलाव कहते हैं...
बदल रही है दुनिया बदल रहा है परिवार...