12/08/2026
जब अभिनेता धर्मेंद्र जी के निधन की खबर आई, तो पूरे देश ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। करोड़ों लोगों ने उनके अभिनय और फिल्मों में दिए योगदान को याद किया।
लेकिन हमारे देश के उन वीर सैनिकों का क्या, जिन्होंने अपनी जिंदगी देश की सीमाओं की रक्षा में लगा दी?
आपके दिए विवरण के अनुसार, सूबेदार रतन सिंह जी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में मात्र 80 भारतीय सैनिकों के साथ करीब 2,000 पाकिस्तानी सैनिकों का मुकाबला किया और अदम्य साहस का परिचय दिया।
92 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर निश्चित रूप से हर भारतीय के लिए भावुक कर देने वाली होनी चाहिए। क्योंकि एक सैनिक की असली पहचान सिर्फ उसकी वर्दी से नहीं, बल्कि देश के लिए उसके त्याग, साहस और सेवा से होती है। 🇮🇳🫡
हम फिल्मी सितारों को प्यार और सम्मान देते हैं, इसमें कोई बुराई नहीं। लेकिन जिस सैनिक ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा देश की सुरक्षा के लिए समर्पित किया, उसकी वीरता को याद रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।
देश के लिए लड़ने वाले जवान किसी एक परिवार के नहीं होते—वे पूरे देश के होते हैं।
अगर सूबेदार रतन सिंह जी की 1971 युद्ध में भूमिका और उनसे जुड़े ये विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित हैं, तो उनकी वीरता को सामने लाना और उन्हें सम्मान देना हर भारतीय का कर्तव्य है।
फिल्मों के सितारे हमें मनोरंजन देते हैं, लेकिन सैनिक हमें सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार देते हैं।
ऐसे वीर सपूत को शत-शत नमन।
जय हिंद। 🇮🇳