05/02/2016
1960 के दशक में शंकर जयकिशन के साथ एक विपिन नाम का लड़का काम करता था. 1967 में रिलीज हुई ‘ऐन ईवनिंग इन पेरिस’ के संगीत से शंकर जयकिशन को मिले फेम के बाद विपिन के चर्चे पूरी इंडस्ट्री में हुए. विपिन ने फिर एक के बाद एक मदन मोहन, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और राहुल देव बर्मन के साथ काम कर उनके एलबम्स को हिट कराने में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभायीं. बॉलीवुड की म्यूजिक इंडस्ट्री को इलेक्ट्रॉनिक यानी बिजली की मदद से बजने वाले इंस्ट्रूमेंट्स से विपिन ने परिचित कराया. पर हर अच्छे गीत के बाद अगर वाहवाही मिलती है तो गायक को.
संगतकार को लोग भूल जाते हैं. विपिन सिर्फ संगतकार नहीं होना चाहता था. वो कुछ बड़ा करना चाहता था. पर किस्मत को शायद ये मंजूर नहीं था.
एक पिता अपने अधूरे ख्वाब अपने बच्चों की आंखों में सहेजता है. विपिन को विश्वास था कि उनका बड़ा बेटा जयेश एक सफल संगीतकार बनेगा. पर ब्रेन हैमरेज ने विपिन और उनकी पत्नी मधु से जयेश को छीन लिया. ये वही पल था जब उनके छोटे बेटे हिमेश ने तय किया कि वो पिता के सपनों को पर देगा.
23 जुलाई, 1973 में जन्मे हिमेश एक ऐसे घर में बड़े हुए जिसका आटा-दाल ही संगीत से आता था. जहां बड़े होने का मतलब ही संगीत था. हिमेश की पैदाइश मुंबई की है. पर अपने शहर भावनगर से जुड़े रहने, और गुजरात से लगाव के लिए उनको हमेशा जाना जाता रहा है. मुंबई के हिल ग्रैंज स्कूल में पढ़ने वाला हिमेश सिर्फ 11 साल का था जब भाई की मौत हुई. हिमेश संगीत सीखते रहे और स्कूल की पढ़ाई खत्म होते ही टीवी प्रोडक्शन में लग गए. HR एंटरप्राइजेस कहलाने वाले उनके प्रोडक्शन हाउस ने दूरदर्शन अहमदाबाद और जी टीवी के लिए शो बनाने से शुरुआत की. जी टीवी पर उनके कई शो जैसे अंदाज, अमर प्रेम, दम दमा दम, और आशिकी आते रहे. इन्हीं दिनों उनकी मुलाकात सलमान खान से हुई.
हिमेश को संगीत निर्देशन का महला मौका HMV ने दिया. अभिनेत्री, गायिका और पेंटर सुचित्रा कृष्णमूर्ति के एल्बम ‘जिन्दगी’ के लिए हिमेश ने गीत कंपोज किये. पर उनका पहला बड़ा ब्रेक उन्हें सलमान खान ने दिलाया सोहेल खान के प्रोडक्शन में बनी ‘फिल्म प्यार किया तो डरना क्या’ में. फिल्म के टाइटल सॉन्ग के अलावा ‘तुम पर हम हैं अटके यारा’ भी हिमेश ने बनाया. हालांकि फिल्म के बाकी गीत साजिद-वाजिद और जतिन-ललित ने बनाये, पर हिमेश को वो ब्रेक मिल चुका था जिसकी उन्हें जरुरत थी. तब हिमेश की उम्र 25 बरस थी. इसके बाद सलमान की कई फिल्मों के लिए वो गीत बनाते रहे. 2002 में आई ‘हमराज’ का म्यूजिक तो सराहा ही गया. पर उससे भी बड़ा ब्रेक आया ‘तेरे नाम’ के साथ. फिल्म तो हिट रही ही, फिल्म के गीत जैसे लव एंथम की तरह सबकी जुबानों पर चढ़ गए. तेरे नाम के लिए उन्हें कई अवार्ड मिले, और फिल्मफेयर के बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर के लिए हिमेश नॉमिनेट हुए.
हिमेश अपने पिता का ख्वाब जीने लगे थे.हिमेश के लिए कहा जाता है: love him or hate him, but you can never ignore him. 2005 में जब हिमेश ने तय किया कि कंपोज करने के साथ साथ वो अपनी आवाज में खुद को लॉन्च करेंगे, कई दोस्तों ने उनके फैसले को मासूम कहा. कई दुश्मनों ने मजाक उड़ाया. हिमेश ने फिर भी गाया. अपने पहले गीत आशिक बनाया आपने से उन्हें जो फेम मिला, उसे आज कौन नहीं जानता. उसके अगले ही साल 2006 में अक्सर, बनारस, हमको दीवाना कर गए, 36 चाइना टाउन, टॉम डिक एंड हैरी, फिर हेरा फेरी, छुप छुप के, ऐन्थनी कौन है और आहिस्ता आहिस्ता को मिलकर कुल 12 फिल्मों के लिए गाया. दुश्मनों की हंसी फीकी पड़ रश्क में बदल चुकी थी.2006 में लगातार म्यूजिकल हिट्स देने वाले हिमेश ने 2007 में अपने ऐक्टिंग करियर की शुरुआत की. फिल्म और फिल्म का संगीत दोनों मेगा हिट रहे. अवार्ड्स का तांता लग गया.
ऐसे रिकॉर्ड्स जो सिर्फ़ हिमेश क नाम पे है -
* एक ऐसा इंसान जिसके सर पे बाल न्ही थे वो टोपी पहंके आया और ऐसा छाया की बाल वालो ने भी टोपी पहनना स्टाइल ब्ना लिया
* देश का पहला म्यूज़िक कॉंपोज़र जिसे बेस्ट सिंगर का अवॉर्ड मिला वो भी फर्स्ट सॉंग के लिए.
* 560 के उपर सॉंग्स 1998 से 2016 तक हर साल हर जेनरेशन के लिए सॉंग्स सभी हिट.
*लगातार 36 हिट्स देने का रेकॉर्ड आस आ सिंगर.
*लोग उनकी आक्टिंग क लिए कुछ भी कहे बुत उनकी मोविए उनके म्यूज़िक से पaiसा रिकवर कर ही लेती है.
*इंडिया मे सिर्फ़ हिमेश ही एक म्यूज़िक कॉंपोज़र हैं जिनकी खुद की म्यूज़िक कंपनी और डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी हैं,
*म्यूज़िक कंपोज़ रिलिटी शोष मे बोलते ह हम आपको काम देंगें लेकिन सच तो ये हैं हिमेश क सिवा कोई भी नये टॅलेंट को मौका नही देता. हिमेश हर साल नये टॅलेंट क करीरे बना रहे हैं.
* वेंबले अरीना जहा अभी हाल ही मे मोदी गये थे लेकिन सब्से पहला भारतिया जो व्हा पहुचके देश का नाम कर चुका ह उसका नाम हिमेश रेशम्मिया है.
हिमेश की नई फिल्म आ रही है. एक बार फिर से. नाम है ‘तेरा सुरूर’. फैन्स खुश हैं, नफरत करने वाले बाल नोच रहे हैं. फिल्म आएगी. हिट होगी या फ्लॉप ये तय नहीं कर सकते. पर हां, हिमेश की हर फिल्म के पहले ये जरूर तय रहता है की कमसकम आपको छेड़ जरूर जाएगी. ऐसा न होगा कि आए और चली जाए, और आप को खबर भी न लगे.
ये सिर्फ आवाज या स्टाइल ही नहीं जिसपर हिमेश के फैन्स अपनी जान लुटाते हैं. हिमेश मिसाल हैं उन सब के लिए जो जिन्दगी में किसी न किसी तरीके से स्ट्रगल कर रहे हैं. ये मेहनत, ट्रेनिंग और खुद पर कॉन्फिडेंस का नतीजा है कि एक संगतकार का बेटा आज देश का सबसे बड़ा रॉकस्टार कहलाता है.