03/10/2026
अलीगढ़ में स्वाद सिर्फ़ खाया नहीं जाता उसे जिया जाता है। और जब स्वाद हांडी में पक रहा हो, मिट्टी की सोंधी खुशबू के साथ मसालों की महक हवा में घुल रही हो, तब भला मन कैसे न ललचाए !
चम्पारण से निकला हांडी मटन आज देशभर में अपना परचम लहरा रहा है। उसी देसी स्वाद की एक झलक मैरिस रोड स्थित मेज़बान चिक फिश में भी देखने को मिलती है।
करीब 80–100 ग्राम के एक-एक पीस मटन को खड़े मसालों के साथ तैयार करके हांडी में डाला जाता है। फिर मिट्टी के ढक्कन से हांडी को ऐसे सील किया जाता है, जैसे स्वाद को भीतर ही कैद कर लिया गया हो।
धीमी आँच पर जब मटन पकता है न… तो मसालों की खुशबू और मिट्टी की सोंधी महक मिलकर ऐसा माहौल बनाती है कि पेट से पहले मन कह उठता है—"बस, अब देर मत करा गुरु!"
अलीगढ़ की खासियत ही यही है। यहाँ खाना सिर्फ़ पेट भरने के लिए नहीं होता, हर निवाला अपने साथ थोड़ी मिट्टी, थोड़ी खुशबू और ढेर सारी यादें लेकर आता है।
अगर कभी सेंटर पांइट की तरफ़ निकलना हो और मन करे कि कुछ ऐसा खाया जाए जिसमें देसीपन भी हो और स्वाद की आत्मा भी, तो इस हांडी वाले जायके की याद जरूर करिएगा।