VAIDY SUNIL GOYAL

VAIDY SUNIL GOYAL ayurved and panchkarma chikitsa

02/11/2025
07/08/2025

यह भी एक भ्रांति है कि अमीरों को अगर कोई रोग है और वह अच्छा नहीं हुआ तो फिर किसी का भी अच्छा नहीं होगा। रोग ठीक होते हैं सही विकल्प चुनने से। महंगे विकल्प हमेशा सही हो ज़रूरी नहीं। कई बार अमीर लोग अपने रोग के लिए अंतिम विकल्प चुन लेते हैं और उसके फैल होने पर रोग और जटिल होकर ला इलाज हो जाता है। पाइल्स-फिशर होते ही वे ऑपरेशन करवा लेते हैं, अस्थमा होते ही स्टेरॉइड्स निगलने लगते हैं, घुटने में दर्द होने पर वे ट्रांसप्लांट करवा लेते हैं आदि। अंतिम विकल्प सबसे पहले चुन लेने पर बचे हुए सभी विकल्प स्वत: खत्म हो जाते हैं।

एक समझदार गरीब रोगी सबसे पहले सबसे आसान विकल्प चुनता है और क्रमशः आगे बढ़ता है इस प्रक्रिया में वह ठीक हो जाता है।

याद रखो दोस्तो, कील बनाने के लिए बेहद सस्ता लोहा बेहद महंगे सोने से बहुत अच्छा विकल्प है। दो लकड़ियों को जोड़ने के लिए अगर आप सोने की कील ठोकेंगे तो मजबूती कैसे आएगी?

निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर ओपीडी ======================Facebook reminderआज ही के दिन से 2 साल पूर्व जब उज्जैन जा रहा था...
23/07/2025

निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर ओपीडी
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Facebook reminder
आज ही के दिन से 2 साल पूर्व जब उज्जैन जा रहा था तो दिल्ली से ट्रेन चेंज करनी थी 1:00 बजे पहुंचने के बाद 3:30 मेरी ट्रेन होने के कारण मैंने मेरे सभी व्हाट्सएप ग्रुप में यह मैसेज डाल दिया कि कोई पेशेंट जिनकी मेडिसिन मैसेज चल रही है या मेरे से कंसल्ट करना चाहते हैं तो वह निशुल्क मेरे को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर मिल सकते हैं कमल की बात यह हुई कि लगभग 15 लोग वहां पर पहुंचे कोई साथ में मिठाई का डब्बा और कोई साथ mein उपहार लेकर आया. प्रगति के पथ पर आप सभी का साथ बना रहे

20/01/2025
यही सच है
12/10/2024

यही सच है

✍️𝐇𝐄𝐀𝐑𝐓 𝐃𝐈𝐒𝐄𝐀𝐒𝐄 ( 𝐇𝐎𝐌𝐄 𝐑𝐀𝐌𝐄𝐃𝐈𝐄𝐒) ✅ #हदय रोग -घरेलु उपचारधमनियों का अवरोध ( 𝐛𝐥𝐨𝐜𝐤𝐚𝐠𝐞) :------      जब धमनियों में,  ब्लाक...
11/09/2024

✍️
𝐇𝐄𝐀𝐑𝐓 𝐃𝐈𝐒𝐄𝐀𝐒𝐄 ( 𝐇𝐎𝐌𝐄 𝐑𝐀𝐌𝐄𝐃𝐈𝐄𝐒) ✅

#हदय रोग -घरेलु उपचार
धमनियों का अवरोध ( 𝐛𝐥𝐨𝐜𝐤𝐚𝐠𝐞) :------

जब धमनियों में, ब्लाक विकसित हो जाता है, तो यह कोरोनरी धमनियों को संकुचित कर देता है। कोरोनरी धमनियों के सिकुड़ने से, हृदय में रक्त का प्रवाह भी कम हो जाता है। आखिरकार, हृदय में रक्त के प्रवाह में कमी के कारण, यह अंततः एनजाइना (सीने में दर्द या बेचैनी), सांस की तकलीफ, या अन्य कोरोनरी धमनी से संबंधित बीमारियों या जटिलताओं और लक्षणों को जन्म दे सकता है। महान धमनियों के , लक्षणों का एक पूर्ण रुकावट या स्थानान्तरण अंततः दिल का दौरा पड़ सकता है।
* यह तथ्य नवीनतम खोजों से सिद्ध हो गया है कि, अनार रक्तवाहिनियों की आंतरिक लाइनिंग ( अस्तर ) को अच्छा बनाते हुए, रक्तचाप को संतुलित रखकर तथा एलडीएल से होने वाली हानि से बचाकर, ह्रदय और रक्तवाहिनियों को सुरक्षा प्रदान करता है । धमनियों के अवरोधों को खोलने के लिए, अनार का रस, नित्य लगातार, वर्षों तक, 50 मिली लीटर ( एक कप ) सेवन करें । अनार के सेवन से ब्लड शुगर, एलडीएल या एचडीएल, कोलेस्ट्राल के स्तर पर, कोई अंतर नही आता है । ह्रदय, गुर्दें और यकृत के कार्यों में बदलाव नही आता है

*विशेष :-----आयुर्वेदिक समाधान के लिए, हमारे 9783800097 पर रोग से संबधित जानकारी भेज कर, आप हमारा सहयोग ले सकते है ।*

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𝐕𝐀𝐈𝐃𝐘𝐀 𝐒𝐔𝐍𝐈𝐋 𝐆𝐎𝐘𝐀𝐋
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 : नव जीवन दे सकती है सत्यानाशी- 𝐯𝐚𝐢𝐝𝐲𝐚 𝐬𝐮𝐧𝐢𝐥 𝐠𝐨𝐲𝐚𝐥 ( 𝐝𝐚𝐤𝐬𝐡 𝐯𝐚𝐢𝐝𝐲𝐬𝐡𝐚𝐥𝐚) ✍️ 04 𝐚𝐮𝐠𝐮𝐬𝐭 2024सत्यानाशी जैसा नाम सुनकर आपको थ...
04/08/2024

: नव जीवन दे सकती है सत्यानाशी- 𝐯𝐚𝐢𝐝𝐲𝐚 𝐬𝐮𝐧𝐢𝐥 𝐠𝐨𝐲𝐚𝐥 ( 𝐝𝐚𝐤𝐬𝐡 𝐯𝐚𝐢𝐝𝐲𝐬𝐡𝐚𝐥𝐚) ✍️ 04 𝐚𝐮𝐠𝐮𝐬𝐭 2024
सत्यानाशी जैसा नाम
सुनकर आपको थोड़ा अजीब-सा लग रहा होगा कि यह क्या चीज है या* सत्यानाशी का प्रयोग किन कामों में किया जाता होगा? कुछ लोग ऐसा भी सोच सकते हैं कि *जिस पौधे का नाम ही सत्यानाशी है वह केवल नुकसान ही पहुंचाती होगी, लेकिन अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो आपकी सोच गलत है। सच यह है कि सत्यानाशी एक बहुत ही गुणी पौधा है और सत्यानाशी का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। कितना भी पुराना घाव, खुजली, कुष्ठ रोग आदि हो, आप सत्यानाशी का प्रयोग कर रोग से छुटकाारा पा सकते हैं।*

*आंखों के रोग में सत्यानाशी से फायदा (Benefits of Prickly Poppy in Cure Eye Disease )*
1 ग्राम सत्यानाशी दूध को 50 मिली गुलाब जल में मिला लें। इसे रोजाना दो बार दो-दो बूंद आंखों में डालें। इससे आंखों की सूजन, आंखों के लाल होने आदि नेत्र विकारों में फायदा होता है।

2-2 बूंद सत्यानाशी के पत्ते के रस को आंखों में डालने से सभी प्रकार के नेत्र रोग में लाभ होता है।

*रतौंधी में सत्यानाशी से लाभ (Benefits of Satyanashi Plant in Night blindnnes)*
सत्यानाशी पंचांग से दूध निकाल लें। 1 बूंद (पीले दूध) में तीन बूंद घी मिलाकर आंखों में काजल (satyanashi kajal)की तरह लगाने से मोतियाबिंद और रतौंधी में लाभ होता है।

*जलोदर में सत्यानाशी के उपयोग से फायदा (Benefits of Argemone oil in Cure ascites )* 3 मिली सत्यानाशी पंचांग रस को दिन में 3-4 बार पिलाने से पेशाब खुलकर आता है तथा जलोदर रोग में लाभ होता है।

2-3 ग्राम बनाएं में सत्यानाशी तेल (satyanashi ka tel) की 4-5 बूंदें डालकर सेवन करने से भी लाभ होता है।

*दाद में सत्यानाशी का उपयोग (Benefits of Argemone Oil in Cure Ringworm )*
सत्यानाशी में एंटीफंगल गुण पाया जाता है, इसलिए दाद की समस्या में इसका उपयोग फायदेमंद है। एंटीफंगल गुण होने के कारण ये दाद के लक्षणों को कम करके दाद को और फैलने से रोकती है। इसके लिए सत्यानाशी की पत्तियों का रस या तेल को दाद वाली जगह पर लगाएं।

𝐕𝐀𝐈𝐃𝐘𝐀 𝐒𝐔𝐍𝐈𝐋 𝐆𝐎𝐘𝐀𝐋
9783800097
(𝐝𝐚𝐤𝐬𝐡 𝐯𝐚𝐢𝐝𝐲𝐬𝐡𝐚𝐥𝐚)

भारतीय थाली में चटनी का बहुत महत्व हैं..... अगर सब्जी भी न हो तो चटनी उसकी पूर्ति कर देती हैं..... ■चटनी का इतिहास:चटनी ...
19/07/2024

भारतीय थाली में चटनी का बहुत महत्व हैं..... अगर सब्जी भी न हो तो चटनी उसकी पूर्ति कर देती हैं.....

■चटनी का इतिहास:
चटनी शब्द संस्कृत के "चाटनी" शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है "चाटना". भारत में चटनी का इतिहास बहुत पुराना है. माना जाता है कि चटनी की उत्पत्ति 17वीं शताब्दी में हुई थी. एक बार जब मुगल बादशाह शाहजहां (Mughal emperor Shahjahan) बीमार हो गए थे, तब उनके हकीम ने उन्हें मसालेदार भोजन करने को कहा. इसके बाद शाहजहां के रसोइया ने पुदीना, अलसी, धनिया, जीरा, लहसुन और सोंठ जैसी चीजों को मिलाकर अच्छी तरह पीस लिया और एक चटनी तैयार कर ली. रसोइया ने उस चटनी में जरूरत के हिसाब से नमक, मिर्च और अन्य मसाले भी बनाएं. हकीम ने चटनी का स्वाद चखने के बाद कहा कि इसे भोजन के साथ कम मात्रा में खाएं. इस घटना के बाद से चटनी को अन्य भोजन के साथ भी परोसा जाने लगा,

भारत मे विभिन्न प्रकार की चटनी बनाने की विधि :............................................................................
(1)◆प्याज की चटनी :
सामग्री : ताजी लाल मिर्च 12-15 , प्याज 1 मध्यम , लहसुन की कलियां 2-3 ,नमक स्वादानुसार । विधि : सभी सामग्री मिलाकर उसकी चटनी पीस लें ।

(2)◆प्याज की चटनी :
●सामग्री : तेल 1 टेबल स्पून ,बारीक कटी प्याज आधा कप , हरी मिर्च 3-4 , लहसुन की कलियां 5-6 , हरा धनिया 2 टेबल स्पून , जीरा 1 टी स्पून , भूने चने की दाल (दालिया) 2 टेबल स्पून , कसा हुआ सूखा नारियल 1 टेबल स्पून , भूने तिल 1 टेबल स्पून ,भूनी मूंगफली 1 टेबल स्पून ,नमक -चीनी-नींबू का रस स्वादानुसार ।
●विधि : तेल गरम करके उसमें प्याज , हरी मिर्च और लहसुन डालकर थोड़ा भूनें ।फिर उसमें बाकी सभी सामग्री मिलाकर चटनी पीसें ।

(3)◆टमाटर की चटनी:
●सामग्री चटनी के लिए : तेल 1 टेबल स्पून ; चने की दाल 2 टेबल स्पून ; बारीक कटी प्याज पाव कप ; सूखी लाल मिर्च 3-4 ;हल्दी पाव टी स्पून ; हींग पाव टी स्पून ; बारीक कटे टमाटर 1 कप ; नमक स्वादानुसार । सामग्री तड़के के लिए : तेल 1 टेबल स्पून ;राई -हींग तड़के के लिए ; सूखी लाल मिर्च 2 ; कढ़ीपत्ते 4-5,
●विधि : तेल गरम करके उसमें चने की दाल डालकर उसे लाल होनें तक भूनें ।फिर उसमें प्याज ; सूखी मिर्च ; हल्दी और हींग डालकर थोड़ा भूनें ।टमाटर डालकर टमाटर नरम होनें तक पकाएं ।यह मिश्रण ठंड़ा होनें पर मिक्सी में पीस लें ।गरम तेल में राई-हींग का तड़का लगाकर उसमें सूखी लाल मिर्च और कढ़ीपत्ते डालकर चटनी में मिलाएं ।

(4)◆मलगापाडी चटनी पाउडर:
●सामग्री : तेल 2 टी स्पून ;कढ़ीपत्ते 10-12 ; सूखी लाल मिर्च 8-10 ;चने की दाल 4 टेबल स्पून ; उड़द की दाल 1 टेबल स्पून ; मैथीदाना 1 टी स्पून ; साबुत धनिया 1 टेबल स्पून ; जीरा 2 टी स्पून ; कसा हुआ सुखा नारियल 2 टेबल स्पून ; इमली 2-3 टुकड़े ; नमक स्वादानुसार ।
●विधि : तेल गरम करके उसमें कढ़ीपत्ते और सूखी मिर्च कुरकुरी होने तक तलकर निकालें ।बचे हुए तेल में चने की दाल डालकर थोड़ी भूनिएं फिर उड़द की दाल डालकर भूनिएं ।दोनों दाले थोड़ी लाल हो जाएं तो उसमें मैथीदाना ; धनिया ; जीरा और नारियल डालकर थोड़ा और भूनिएं ।फिर उसमें इमली और नमक मिलाएं ।मिश्रण ठंड़ा होने के बाद मिक्सी में पीसकर छलनी से छान लीजिए ।यह सूखी चटनी तेल या दही में मिलाकर परोसिए ।

(5)◆कढ़ीपत्ते की चटनी:
●सामग्री : तेल 2 टी स्पून ; कढ़ीपत्ते 25-30 ; कसा हुआ सूखा नारियल आधा कप ; भूने चने की दाल(दाल्या) पाव कप ; तिल 1 टेबल स्पून ; सूखी लाल मिर्च 4-5 ; इमली 3-4 टुकड़े ; नमक स्वादानुसार ।
● विधि : तेल गरम करके उसमें कढ़ीपत्ते डालकर उन्हें कुरकुरा होने तक भून लें ।फिर उसमें बाकी सभी सामग्री डालकर और थोड़ा भूने ।मिश्रण ठंडा होने के बाद मिक्सी में पीसकर उसका पाऊडर बनाए।

(6)◆मैसूर चटनी :
●सामग्री : तेल 2 टी स्पून ; चने की दाल 4 टेबल स्पून ;उड़द की दाल 2 टेबल स्पून ; सूखी लाल मिर्च 2-3 ; काली मिर्च 4-5 दाने ; कसा हुआ नारियल 2 टेबल स्पून ; इमली 3-4 टुकड़े ; नमक -गुड़ स्वादानुसार । ●विधि : तेल गरम करके उसमें चने व उड़द की दाल डालकर उसे थोड़ा भूनें । दोनों दाले लाल हो जाए तब उसमें लाल मिर्च ; काली मिर्च ; नारियल और इमली डालकर थोड़ा भूनें ।नमक और गुड़ तथा आवश्यकतानुसार पानी डालकर महीन पीस लें ।

(7)◆हरे धनिये की चटनी:
●सामग्री : हरा धनिया आधा कप , हरी मिर्च 3-4 ; कसा अदरक 1 टी स्पून ; लहसुन की कलियां 4-5 ; ताजा कसा नारियल 2 टेबल स्पून ; मूंगफली का चूरा 1 टेबल स्पून ; नींबू का रस 1 टेबल स्पून या कच्चा आम 2 टेबल स्पून ; नमक -चीनी स्वादानुसार ।
●विधि : सभी सामग्री मिलाकर चटनी पीस लें ।

(8◆)हरा धनिया पुदिने की चटनी (चाट स्पेशल चटनी ):
● सामग्री : हरा धनिया आधा कप ; पुदीने के पत्ते 10-15 ; कसा कच्चा आम 2 टेबल स्पून या नींबू का रस 1 टेबल स्पून ; प्याज 1 मध्यम ; हरी मिर्च 3-4 ; जीरा 1 टी स्पून ; नमक -चीनी स्वादानुसार ।
●विधि : सभी सामग्री मिलाकर चटनी पीस लें । ( यह चटनी प्याज डाले बिना भी बनती है ।

(9)◆हरा धनिया सेव की चटनी (स्नैक्स स्पेशल चटनी )
●सामग्री चटनी के लिए : भावनगरी या फीकी बेसन की सेव पाव कप ; हरा धनिया पाव कप ; पुदीने के पत्ते 15-20 ; हरी मिर्च 2-3 ; कसा हुआ अदरक 1 टी स्पून ; दही पाव कप ;नमक -चीनी स्वादानुसार । सामग्री तड़के के लिए : तेल 2 टी स्पून ; जीरा -हींग ; हल्दी चुटकी भर , कढ़ीपत्ते 2-3 । ●विधि : चटनी की सभी सामग्री मिलाकर चटनी पीस लें ।तेल गरम करकें उसमें जीरा-हींग का तड़का लगा लें और फिर उसमें हल्दी और कढ़ीपत्ते डाले ।यह तड़का चटनी में मिलाएं ।

(10) ◆नींबू की चटनी :
●सामग्री : नींबू 4 ; चीनी आधा कप ; तेल 1 टी स्पून ; मैथीदाने 6-7 ; हींग पाव टी स्पून ; जीरा पाउडर 1 टी स्पून ; लाल मिर्च पाउडर आधा टी स्पून ; नमक स्वादानुसार । ●विधि : नींबू का छिलका उतारकर उनूहें प्रत्येकी 4 टुकड़ों में काटें और उनके अंदर के बीज निकाल लें ।तेल गरम करके उसमें मैथीदाने डालें ।फिर हींग ; जीरा और लाल मिर्च पाउडर डालकर थोड़ा -सा भून लें ।चटनी की सभी सामग्री मिलाकर मिक्सी में पीसें । ------------------

(11)◆चना दाल की चटनी:
●सामग्री चटनी के लिए : चने की दाल आधा कप ( आधा घंटा पानी में भिगोकर पानी निथारी हुई ) ;लहसुन 4-5 कलियां ; हरी मिर्च 3-4 ; कसा हुआ कच्चा आम 2 टेबल स्पून या नींबू का रस 1 टेबल स्पून या दही आधा कप ; हरा धनिया 2 टेबल स्पून ; नमक -चीनी स्वादानुसार । सामग्री तड़के के लिए : तेल 2 टी स्पून ; जीरा -हींग तड़के के लिए ; हल्दी चुटकी भर ; सूखी लाल मिर्च 2 ; कढ़ीपत्ते 2-3 ।
●विधि : चटनी की सभी सामग्री मिलाकर चटनी पीसें ।तेल गरम करकें उसमें जीरा-हींग का तड़का लगाकर हल्दी डालें । लाल मिर्च के टुकड़े और कढ़ीपत्ते डालकर यह तड़का चटनी में मिलाएं ।

(12)◆शेंगरी ( मोगरी ) की चटनी :
●सामग्री : बड़े टुकड़ों में कटी शेंगरी 2 कप ; हरी मिर्च 3-4 ;तेल 1 टेबल स्पून ; राई -जीरा -हींग तड़के के लिए ; हल्दी चुटकी भर ; बेसन 2 टेबल स्पून ; हरा धनिया 2 टेबल स्पून ; मूंगफली का चूरा 2 टेबल स्पून ; नमक -चीनी -नींबू का रस स्वादानुसार ।
●विधि : शेंगरी और मिर्च को मिलाकर थोड़ा मोटा पीस लें ।तेल गरम करके उसमें राई -जीरा -हींग का तड़का लगाकर उसमें हल्दी और पीसा हुआ मिश्रण डालकर थोड़ा भूनें ।बेसन और नमक डालकर 2 मिनट भूनें । बाकी सभी सामग्री मिलाएं

(13)◆दही वाली हरी मिर्च की चटनी:
● सामग्री : तेल 1 टेबल स्पून , राई-जीरा-हींग तड़के के लिए , हल्दी पाव टी स्पून , बड़े टुकड़ों में कटी हरी मिर्च 8-10 , नमक 1 टी स्पून , दही पाव कप ।
●विधि : तेल गरम करके उसमें राई-जीरा -हींग का तड़का लगाएं ।फिर उसमें हल्दी , हरी मिर्च और नमक डालकर ढंककर पकाएं । मिर्च थोड़ी नरम हो जाएं तब उसे कटोरी से थोड़ा मसलकर उसमें दही मिलाएं ।अच्छे से मिलाकर दही का पानी सूखनें तक पकाएं ।
(14)◆शिमला मिर्च की चटनी:
●सामग्री : लाल शिमला मिर्च 1 ;तेल 1 टेबल स्पून ; बारीक कटी प्याज पाव कप ; बारीक कटी हरी शिमला मिर्च 2 टेबल स्पून ; बारीक कटे टमाटर पाव कप ; नमक -चीनी स्वादानुसार ●विधि : लाल शिमला मिर्च कों गैस की लौ पर पकड़कर उस पर काली बूंदें दिखने लगें और उसका छिलका सिकुड़ने लगें तब तक सेंके ।फिर उसे ढंककर 5 मिनट तक रखें ।फिर उसका छिलका उतारकर मिक्सी में पीस लें ।तेल गरम करके उसमें प्याज ; टमाटर अंर हरी शिमला मिर्च को थोड़ा नरम होने तक भूनें ।फिर उसमें पीसी शिमला मिर्च ; नमक और चीनी मिलाकर थोड़ा भून लें ।

(15)◆हरी मिर्च मूंगफली की चटनी:
●सामग्री पीसने के लिए : हरी मिर्च 12-15 ;लहसुन की कलियां 15-20 ;हरा धनिया 2 टेबल स्पून ; मूंगफली पाव कप ; जीरा 1 टी स्पून ; नमक स्वादानुसार । सामग्री तड़के के लिए : तेल 1 टेबल स्पून ; नींबू का रस 1 टी स्पून । ●विधि : पीसने की सभी सामग्री मिलाकर थोड़ा दरदरा ( मोटा) पीस लें ।तड़के के लिए तेल गरम करके उसमें राई -जीरा -हींग का तड़का लगाकर फिर उसमें पीसी चटनी डालें । चटनी थोड़ी सूखी होने तक भूनिए ।

(16)◆लहसुन -सूखी लाल मिर्च की चटनी:
●सामग्री : सूखी लाल मिर्च 7-8 ;लहसुन की कलियां 10-12 ;नमक 1 टी स्पून ; तेल 1 टेबल स्पून ; नींबू का रस 1 टी स्पून ।
●विधि : लाल मिर्च को साफ करके 2-3 घंटे तक गरम पानी में भिगोकर रखें ।जल्दी हो तो मिर्च को पानी में थोड़ा पका लें ।मिर्च का पानी निथारकर उसमें लहसुन और नमक डालकर मुलायम पीस लें ।तेल गरम करके उसमें यह पीसी हुई चटनी थोड़ी भून लें और बाद में उसमें नींबू का रस मिलाएं ।

(17)◆काचरी और सूखी लाल मिर्च की चटनी:
●सामग्री चटनी के लिए : सूखी लाल मिर्च 8-10 ;सूखी काचरी 7-8 (यह राजस्थान की सूखी सब्जी है जिसे खटाई के लिए इस्तेमाल करते है । ) ;जीरा 1 टी स्पून ; नमक 1 टी स्पून । सामग्री तड़के के लिए : तेल 1 टेबल स्पून ; राई-जीरा-हींग । ●विधि : लाल मिर्च और काचरी को 1 घंटे तक गरम पानी में भिगोकर रखें ।फिर उसका पानी निथारकर उसमें जीरा और नमक डालकर मुलायम चटनी पीस लें ।तेल गरम करके उसमें राई-जीरा-हींग का तड़का लगाकर उसमें पीसी चटनी डालेः और थोड़ा भून लें । *पसंद हो तो इस चटनी में लहसुन भी डाल सकते हैं । * सूखी लाल मिर्च के बदले लाल मिर्च का पाउडर भी ले सकते हैं ।

(18)◆हरी मिर्च का सालन:
●सामग्री : तेल 2 टेबल स्पून ; राई-जीरा-हींग तड़के के लिए ; मैथीदाना 4-5 ;हल्दी पाव टी स्पून ; पतले गोल स्लाइस में कटी हरी मिर्च पाव कप ; इमली का गाढ़ा पल्प 2 टेबल स्पून ; भूने तिल 1 टेबल स्पून ; कसा हूआ सूखा नारियल 2 टेबल स्पून ; मूंगफली का चूरा 2 टेबल स्पून ; नमक-गुड़ स्वादानुसार
●विधि : तेल गरम करके उसमें राई-जीरा-हींग का तड़का लगा लें ।फिर उसमें मैथीदाना ; हल्दी और हरी मिर्च डालकर थोड़ा भूनें ।आधा कप पानी डालकर मिर्च नरम होनें तक पकाएं ।फिर उसमें इमली का पल्प ; तिल ; नारियल ; मूंगफली का चूरा , नमक और गुड़ डालकर और थोड़ा पकाएं ।
(19)◆हरी मिर्च की खर्डा चटनी :
●सामग्री : हरी मिर्च 12-15 ;लहसुन की कलियां 7-8 ; नमक 1 टी स्पून ; तेल 1 टेबल स्पून ; राई -जीरा-हींग तड़के के लिए ●विधि : हरी मिर्च ; लहसुन और नमक मिलाकर दरदरा पीस लें ।तेल गरम करके उसमें राई-जीरा-हींग का तड़का लगाकर उसमें पीसी चटनी डालें और भुने चाहे तो आप नींबु का रस भी डाल सकते हैं.....

हीरा लाल जी की वॉल से

प्राचीन ग्रंथो में लिखे गए योग का प्रयोग करके औषधि का निर्माण वैद्यशाला में किया गया है जिसके 7 साल से परिणाम ले रहे हैं...
04/07/2024

प्राचीन ग्रंथो में लिखे गए योग का प्रयोग करके औषधि का निर्माण वैद्यशाला में किया गया है जिसके 7 साल से परिणाम ले रहे हैं और बहुत बेहतर परिणाम आते हैं अगर इसी के साथ अग्नि कर्म चिकित्सा साथ में करवाई जाए तो मोके पर ही 50% परिणाम आ जाते हैं

𝐃𝐀𝐊𝐒𝐇 𝐕𝐀𝐈𝐃𝐘𝐒𝐇𝐀𝐋𝐀
𝐚𝐛𝐨𝐡𝐚𝐫- 𝐫𝐨𝐡𝐢𝐧𝐢 𝐝𝐞𝐥𝐡𝐢- 𝐦𝐚𝐭𝐢𝐥𝐢

9783800097
8824633317

15 दिन की औषधि 600 की होती है जिसमें 60 टेबलेट होती है 🙏

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