498a Tea Cafe

498a Tea Cafe जब तक नही मिलता न्याय
तब तक उबलती रहेगी चाय

जय जय साँवलिया सेठ 🙏🏻🥰🌺🙋🏽‍♂️जय जय फोर नाईन एट (498)🙋🏽‍♂️🙋🏽‍♂️           #साँवलिया  #साँवलियासरकार                       ...
12/08/2026

जय जय साँवलिया सेठ 🙏🏻🥰🌺🙋🏽‍♂️
जय जय फोर नाईन एट (498)🙋🏽‍♂️🙋🏽‍♂️
#साँवलिया #साँवलियासरकार

29/07/2026
प्रिय आत्मीयजनों,समय के अभाव के कारण मैं आप सभी तक व्यक्तिगत रूप से या फोन के माध्यम से निमंत्रण नहीं पहुँचा पाया। इसके ...
15/07/2026

प्रिय आत्मीयजनों,

समय के अभाव के कारण मैं आप सभी तक व्यक्तिगत रूप से या फोन के माध्यम से निमंत्रण नहीं पहुँचा पाया। इसके लिए क्षमा चाहता हूँ।

लेकिन आज मैं आपको अपने जीवन की एक ऐसी शुरुआत का साक्षी बनने के लिए सादर आमंत्रित करता हूँ, जो मेरे लिए केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि संघर्ष से सृजन तक की यात्रा का पहला कदम है।

जिस 498A ने मेरे जीवन में अनेक चुनौतियाँ, संघर्ष और कठिनाइयाँ दीं, उसी अनुभव को एक रचनात्मक धारा में बदलने का यह मेरा पहला प्रयास है।

498 Familyam Cafe & Restro केवल एक कैफे नहीं, बल्कि इस विश्वास का प्रतीक है कि— "हर कठिनाई एक नई शुरुआत का आधार बन सकती है।"

आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और उपस्थिति ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है।

आप सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।

बाकी... "498" की पूरी कहानी बहुत जल्द आप सबके सामने लेकर आऊँगा।

यह केवल शुरुआत है... इतिहास अभी लिखा जाना बाकी है।

🙏 आपका अपना
K K धाकड़
498 वाले बाबा
Founder & CEO
498 Familyam Pvt. Ltd.
"Taste That Unites"

7566125498 , 7566952498 ,7089125498

#498वालेबाबा

26/06/2026

24/06/2026

A hard pill to swallow. The friends who vanished when you were broke were not your friends. They were fans. Fans leave when the show gets boring.

सादर आत्मीय आमंत्रणप्रिय आत्मीयजन, मित्रगण, शुभचिंतक एवं 498A Tea Cafe परिवार से जुड़े सभी सम्मानित साथियों,सप्रेम नमस्क...
09/06/2026

सादर आत्मीय आमंत्रण

प्रिय आत्मीयजन, मित्रगण, शुभचिंतक एवं 498A Tea Cafe परिवार से जुड़े सभी सम्मानित साथियों,

सप्रेम नमस्कार।

आज 09 जून 2026 को 498A Tea Cafe अपनी प्रथम वर्षगाँठ मना रहा है। यह केवल एक वर्ष का उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष, विश्वास, आत्मसम्मान और आप सभी के स्नेह से तय हुई एक यात्रा का पड़ाव है।

मैं व्यक्तिगत रूप से आप सभी को फोन कर आमंत्रित करना चाहता था, किन्तु समयाभाव और अकेले होने के कारण ऐसा कर पाना संभव नहीं हो सका। यदि किसी को फोन करूँ और किसी प्रियजन तक आमंत्रण न पहुँच पाए, तो मिठास और मधुरता बाँटने के स्थान पर अनजाने में कड़वाहट बढ़ सकती है। इसलिए विनम्र निवेदन है कि इस संदेश को ही मेरा व्यक्तिगत, आत्मीय और हृदय से दिया गया आमंत्रण मानकर स्वीकार करें।

आपकी उपस्थिति मेरे लिए केवल एक औपचारिक सहभागिता नहीं होगी, बल्कि मेरे मनोबल, आत्मविश्वास और जीवन-पथ पर आगे बढ़ने के हौसलों में नई ऊर्जा का संचार करेगी। आपका आशीर्वाद और स्नेह ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है।

मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि मेरे जीवन और कार्यों से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को भविष्य में गौरवान्वित होने का अवसर अवश्य मिलेगा। आपका विश्वास ही मेरी शक्ति है और उसी के सहारे मैं आगे बढ़ रहा हूँ।

अतः आप सभी से सादर निवेदन है कि समय निकालकर इस छोटे से बजट फ्रेंडली चाय पार्टी में पधारें और अपने स्नेह, आशीर्वाद एवं शुभकामनाओं से इस अवसर को यादगार बनाएं।

कार्यक्रम विवरण

आज दिनांक: 09 जून 2026

समय: सायं 4:00 बजे से रात्रि 9 बज कर 8 मिनिट तक

स्थान: ज्वालामुखी हनुमान मंदिर के पास, बंसुखीधाम, जावद-अठाना रोड, अठाना, तहसील जावद, जिला नीमच (म.प्र.)

"जब तक नहीं मिलता न्याय,
तब तक उबलती रहेगी चाय।"

आपकी प्रतीक्षा में...

कृष्ण कुमार धाकड़ (K K)
498 वाले बाबा
7566125498
498A Tea Cafe परिवार ☕🙏

498a Tea Cafe

एक भावनात्मक आमंत्रण अपने आत्मीय लोगो को.....9 जून 2025 — एक विचार, एक संघर्ष और एक संकल्प की शुरुआत।आज से ठीक एक वर्ष प...
08/06/2026

एक भावनात्मक आमंत्रण अपने आत्मीय लोगो को.....

9 जून 2025 — एक विचार, एक संघर्ष और एक संकल्प की शुरुआत।

आज से ठीक एक वर्ष पूर्व, 9 जून 2025 को एक वैचारिक वटवृक्ष का बीजारोपण किया गया था । उस समय यह केवल एक छोटी सी शुरुआत दिखाई देती थी, किन्तु मेरे मन में यह विश्वास था कि यदि विचार सच्चा हो....उद्देश्य जनहित का हो और नीयत स्पष्ट हो, तो वह बीज एक दिन अवश्य पल्लवित होगा....!!

कहते हैं कि जब भी कोई व्यक्ति कोई नया मार्ग चुनता है, कोई नई अलख जगाने का प्रयास करता है, तो उसके मार्ग में विघ्न भी आते हैं...!!

मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ । 498A टी कैफे के आरम्भ करने से पहले की वह तपन और भागदौड के बाद भी प्रारम्भ करने बाद भी अनेक प्रकार की परिस्थितियाँ सामने आईं...!!
किसी ने समर्थन दिया, किसी ने विरोध किया, किसी ने प्रेरित किया, तो किसी ने हतोत्साहित करने का प्रयास भी किया...!! कई लोगों कुंठित दुष्ट लोगो ने मेरी पीड़ाओं और संघर्षों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, तो कुछ ने उसे सामाजिक और धार्मिक चश्मे से देखने का प्रयास किया....!!

किन्तु इन सबके बीच मुझे एक बात स्पष्ट दिखाई दी....विरोध करने वालों से कहीं अधिक संख्या उन लोगों की थी जिन्होंने मेरा हाथ थामा...।

खिलाफ कम थे, साथ अधिक थे।
चोट कम थी, मरहम ज्यादा था।

समय के साथ मुझे यह अनुभव होने लगा कि यदि मैं उसी स्थान पर अधिक समय तक रुक गया, तो संघर्ष का स्वरूप बदल सकता है और मेरे साथ खड़े लोगों के लिए अनावश्यक व्यक्तिगत दुश्मनियों और विवादों की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं....!!!
इसलिए मैंने अपने प्रिय 498A टी कैफे, अपनी उस प्यारी टपरी को...जिसने मुझे संघर्षों का अर्थ समझाया, वही लोकल के अपने एक छोटे भाई को सौंप दिया और स्वयं एक नए पथ पर निकल पड़ा।

शायद मुझे एक देशव्यापी अलख जगानी थी।
शायद मुझे स्वयं को मृत्यु-तुल्य परिस्थितियों से बाहर निकालना था।
शायद मुझे एक ऐसे विचार को आकार देना था जो किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समाज और परिवारों के पुनर्निर्माण का विचार बने।

बीते एक वर्ष में जीवन ने बहुत कुछ सिखाया। रहने-खाने की समस्याओं से लेकर आर्थिक चुनौतियों तक, माँ के अकेलेपन और उनकी अस्वस्थता से लेकर अपने अस्तित्व की लड़ाई तक, हर दिन एक नई परीक्षा लेकर आया... आज भी मैं यह दावा नहीं कर सकता कि संघर्ष समाप्त हो गया है। सच तो यह है कि आज भी मैं जीवन और मृत्यु के बीच झूलते हुए पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में अपने प्राणों की सम्पूर्ण ऊर्जा झोंक रहा हूँ।

इस अवसर पर मैं उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद व्यक्त करना चाहता हूँ जिन्होंने मेरे अच्छे और बुरे समय में मेरा साथ दिया, मेरा मनोबल बढ़ाया और मेरे संघर्ष को अपनी शक्ति प्रदान की।

साथ ही मैं उन लोगों का भी धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने किसी कारणवश मेरा साथ नहीं दिया। क्योंकि उन्होंने मुझे आत्मनिर्भर बनना सिखाया।

और विशेष धन्यवाद उन लोगों का भी, जिन्होंने मेरे संघर्षों की आग में घी डालने का कार्य किया, जिन्होंने प्रताड़नाएँ दीं, जिन्होंने राह कठिन बनाने का प्रयास किया। क्योंकि यदि वे चुनौतियाँ न होतीं, तो शायद मैं अपनी सामर्थ्य और धैर्य को कभी पहचान ही नहीं पाता।

आज पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि हर व्यक्ति, हर परिस्थिति और हर अनुभव ने इस यात्रा को गढ़ने में अपना योगदान दिया है।

☕ चाय की चर्चा – एक वर्ष की यात्रा

9 जून 2026 को इस वैचारिक यात्रा के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आप सभी मित्रों, शुभचिंतकों, सहयोगियों और परिवारजनों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।

दिनांक: 9 जून 2026

समय: शाम 4 बजे से रात्रि 9:08 बजे तक
कार्यक्रम: चाय पर चर्चा रखा गया है।

आपकी उपस्थिति ही इस यात्रा का सबसे बड़ा सम्मान होगी।

सादर आमंत्रण
कृष्ण कुमार धाकड़ (K K)
498 वाले बाबा
संस्थापक – 498a Tea Cafe

"परिवार हितम्, राष्ट्र हितम्" 🙏☕

19/12/2025

95% औरतें केस करने के बाद ससुराल नहीं आना चाहतीं हैं और जो आना चाहतीं हैं वह समझ लेना कोई साजिश करके आ रही है !!

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